सरकारी नीतिकरण ?
म०प्र०का क्राइम रेट घटने की जगह दिनोदिन बढ़ते जा रहा है ।
(1) कानून अपना काम कर रहा है किंतु सरकार और सरकारी प्रशासनिक अधिकारी, नेताओं से मिलीभगत कर आमजनो को भ्रमितं कर रहे है । समाचार पत्र उसमे तड़का लगा रहे है । आज आमजन की अदालत मे पढ़ने-पढ़ाने, सुनने-सुनाने के कार्यक्रम मे आया कि- "म०प्र०मे बीते तीन सालो मे दुष्कर्म के 14476 केस बने इनमे से 85%सिर्फ लिव इन मे रह रही महिलाओं ने दर्ज करवाया है । अब लिव इन रिलेशनशिप आया कहां से ? इसको मंजूरी किसने दी और क्यौ दी ? इन प्रशन्नो के उत्तर सरकार के पास भी नही है कही ऐसा तो नही कि सेक्स को फ्री करना तो नही ? यदि ऐसा होता है तो भारत 21 वी शदी मे प्रवेश करने की तैय्यारी कर रहा है । इससे अराजकता तो बढ़ेगी इसके लिए पुलिस है,अदालत है और सरकार भी तो है जो नियमो को बनाने पालन करवाने मे सक्षम है । अतः कानून मजबूत और सरल बनाऐ जाए ।
अब यह जरुरी हो गया है कि महिलाओ के अपराधों की समीक्षा किया जाए और इन्हें दी जाने वाली सुविधाऐ पर भी गोर करके उनके मिसयूज़ के बारे मे भी ध्यान दिया जाए । इसका एक कारण यह भी है कि लोगो मे प्रेम विवाह भी बहुत हो रहे है और सभी के सभी असफल हो रहे हैऔर ज्यादातर ऐसे ही प्रकरण हो रहे है यह भी सर्वे रिपोर्ट बतला रही हे ।।
(2)
आज लोगो के पास पढ़ने-पढ़ाने का समय नही ही फिर भी कागजो का रेट बढ़ना भी कम्प्यूटर युग मे उचित नही लगता । सरकार आखिर क्या कर रही और क्या चाह रही है । आज सरकार व्यवसाहिक होते नजर आ रही है ।महगांई दिनो दिन बढ़ती जा रही है सरकार इस बिलकुल भी ध्यान नही दे रही है । सरकार के अनेको कार्यों मे बहुत से अच्छे कार्य है :-
(1) जी एस टी तो वसूल कर रही है किंतु उसकी तह मे छुपी क ई बातो से बेखबर है मसलन क ई चीजो मे मनमाने रेट लिखकर बेच रहे है ।
(2) किसी चीज की सबसिडी समाप्त करने के लिए सरकारी योजना के अंतर्गत मुफ्त मे बांटना फिर सबसीडी समाप्त करने वाली योजना भी सफल रही । इस योजना का नाम उज्जवला
योजना" है ।
गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन
(3) सभी लोगो के एक सा व्यवहार करने वाली सरकार ही आज भेदभाव करते नजर आ रही है । मामला कोई भी हो पक्षपात पूर्ण रवैय्या अपनाया जा रहा है । सरकार वोट की राजनीति बंद कर जनहित कार्य मे अपना योगदान दे । अभी हाल मे खैरागढ़ छ ग० के उपचुनावों से सबक ले । म०प्र० के चुनाव नजदीक आ रहे है । जीतने वाली सरकार डर के मारे अभी से ताबड़तोड मिटिंग करते और अपने किए गए कार्यो मे जातिगत आधार पर भाषण देने लगी हे । म०प्र० की जनता को श्रीमान अमित शाह से क्या मतलब ? मतलब है तो सत्तापार्टी के लोगौ को । ऐसे प्रदशन से किसी को भी कोई फायदा नहीं होता है । नही तो श्री शिवराज के एवं अन्य नेताओं की रैली से खैरागढ़ छ०ग० की सीट हाथ से नही जाती । माननीय नरेंद्र मोदी जी की जरा चूक हुई तभी ऐसा हुआ है ।
(4) भारत के गृहमंत्री श्री अमित शाह के भोपाल आगमन पर म०प्र० की पार्टी मे चल रहे क्लेश की घटना दूसरी घटी है जो आगामी चुनाव के लिए बेहद हानिकारक है । इसी समय कैलाश विजयवर्गीय और ज्योतिराव के शीट और बैठक व्यवस्था का कार्य सराहनीय रहा चूंकि ये लोग समझदार और अपनी समझदारी का परिचय दिया ।
(5) म०प्र०के गली कूचो मे स्वास्थ से संबंधित अस्पताल, नर्सिंगहोम, नर्सिंग काँलेज व हास्पीटल दिनोदिन रोजाना खुल रहे है सभी नियमो की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही है और सरकार की खमोशी समझ से बाहर है।
(6) रोजाना सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं के कारण लोगो की जाने जा रही है जो लोकतंत्र के लिए खतरा है । केंद्र व राज्य सरकारे इसे रोक नही पा रही हे अतः माननीय न्यायालय ही कुछ कदम उठा सकती है क्योंकि माननीय न्यायालय ने अपने एक जजमेंट मे कहा है कि "क्या हर जगह कानून ही काम करेगा ,समाज नही " । सरकार और समाज विफलता के बाद अब न्यायालय को ही आगे आना पड़ेगा ।

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