"घरोघर मे छुपे आतंकवादी"

      इस बदलते युग मे असंभव कुछ भी नही है । यहां पर दिखता कुछ है,और होता कुछ है और घटना घट जाती है । हर बार ऐसा ही होता है किंतु अब ऐसा नही होगा  । घरोघर तलाशी होगी और छुपे हुऐ आतंवादी को बाहर निकालने  की कवायद शुरू हो चुकी है । घरोघर मे छुपे आतंकीयो की सामाजिक दृष्टिकोण से पहचाना जाकर उनपर नकेल कसां जाकर सच को बाहर निकालने की तैय्यारी अनेको प्रकार से की जा रही है । ऐसे आतंकवादी जो हमारे घर मे रह रहे वे हमारे रिस्तेदार भी हो सकते है । वे किसी भी वेश मे उन्हें पहचान कर उन्हे ,कड़ी से कड़ी सजा दिलाने हेतु सहयोग कर लाखो लोगों की जान के साथ देश को बचाया जा सकता है ।हमे यदि हमे सुकून वाली जिंदगी चाहिए तो इन घर मे छुपे आतंकवादी को सरहद पार करना ही होगा । देश-प्रदेश भर घर के किराए पर रहने वाले,बाहर से आने वालो लोगौ की लिस्ट बनाकर इंटरनैट मे डाली जा रही हैं ।यह कार्य का जिम्मा पुलिस प्रशासन के पास है । वे अपना कार्य ईमानदारी से कर रहे है । अब हमारी बारी है । इन आंतकीयो के  खिलाफ चलाऐ जा रहे अभियानो मे सरकार  का करोड़ो रुपया रोजाना खर्च होता है । यही रु० देश की खुशहाली पर खर्च होता तो हमारा देश न० 1 की पोजीशन में होता । आतंकवादी पढ़ा लिखा नही होता है अतः इन्है शिक्षित करने के लिऐ भी हमारी सरकार पुरजोर कोशिश कर रही हैं ।लेकिन ये जाहिल लोग मानते ही नही है और आतंकीयो को अपने घरो मे पनाह दे रहे है । एक आतंकी को बचाने के लिऐ बाकीयो के जान के भी दुश्मन बने हुऐ है सबसे पहले तो इन्ही को सजा देना चाहिए ।
गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन.काँम

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