नेशनल ज्योतिष-स्वास्थ्य-उपचार 2031 मे कल-आज-कल का इतिहास
"नेशनल ज्योतिष स्वास्थ्य उपचार 2031" मे आपका स्वागत है । अपने लेख के माध्यम से स्वास्थ का संबंध ज्योतिष से है । ज्योतिष का संबंध कुण्डली मे स्थित ग्रह नक्षरो से है । और यही ग्रह-नक्षत्र जिस भी भाव मे रहते है अपना असर तथा अन्य ग्रहो से मिलकर प्रभावित करते रहते है ।
स्वास्थ्य पर बुरे ग्रहो पर पड़ता है उनके उपचार बतलाऐ जाने का यहां पर एक प्रयास किया जा रहा है इसी के साथ साथ इन से संबंधित अनेको प्रकार की जानकारियां भी दी जा रही है । यह सेवा बिलकुल निशुल्क सेवा है जो जनहित के अंतर्गत है ।
इसी प्रकार से 'माँ आदिशक्ति दर० धार्मिक एवं परमार्थ टूस्ट भोपाल के संस्थापक, संपादक, अध्यक्ष , लेखक, काउसंलर श्रीरामधुन द्वारा जनहित मे निशुल्क सेवाऐ विगत 17 वर्षो से दी जा रही है । समय-काल-परिस्थितियों के अनुसार बदलते समय मे यह सेवा शुरु की गई है ।
सावधान रहिए, चोकस रहिए अक्सर सही जानकारी के अभाव में सामान्य चयन किसी के भी कहने पर ज्योतिषी उपाय आजमाने लगते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि इस तरह के आजमाए गए उपाय कई बार हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं आज गुरु जी सत्यवादी श्री रामधुन द्वारा कुछ टिप्स दी जा रही हैं :-
1* कभी भी पूछ के ग्रहों का दान नहीं करना चाहिए और नीच ग्रहों की कभी पूजा नहीं करनी चाहिए
2* कुंडली में गुरु दशम भाव में हो तो चौथे भाव में हो तो मंदिर निर्माण के लिए ध्यान नहीं देना चाहिए यह अशुभ होता है और जातक को कभी भी फांसी तक पहुंचा सकता है
3* कुंडली के सप्तम भाव में गुरु हो तो कभी भी पीले प दान नहीं करना चाहिए
4* बारहवें भाव में चंद्र हो तो साधुओं का संघ करना बहुत अशुभ होगा इससे परिवार की वृद्धि हो सकती है
5* सप्तम अष्टम सूर्य हो तो तांबे का दान नहीं करना चाहिए धन की हानि होने की संभावना बनने लगती है
6* जब भी मंत्र का जाप करें उसे पूर्ण संख्या में करना जरूरी है
7* मंत्र एक ही आसन पर एक ही समय में सम संख्या में करना चाहिए
8* कुछ लोग वार के अनुसार वस्त्र पहनते हैं यह हर किसी के लिए सही नहीं होता है कुंडली में जो ग्रह अच्छे हैं उनके पत्र पहनना शुभ है लेकिन जो गृह सुख नहीं है उनके रंग के वस्त्र पहनना गलत हो सकता है
9* कई बार किसी से सलाह लिए बिना कुछ लोग मोदी पहन लेते हैं यह गलत है अगर कुंडली में चंद्रमा नीच का है तो मोती पहनने से व्यक्ति अवसाद में आ सकता है
10 अक्सर देखा गया है कि किसी की शादी नहीं हो रही है तो ज्योतिषी बिना कुंती देखें पुखराज पहनने की सलाह दे देते हैं इसका उल्टा प्रभाव होता है और शादी ही नहीं होती है
11 कुंडली में गुरु नीच का अशुभ प्रभाव में अशुभ भाव में हो तो पुखराज कभी भी नहीं पहनना चाहिए
12* कई लो घर में मनी प्लांट लगा लेते हैं यह सुनकर कि इससे घर में धन वृद्धि होगी लेकिन तथ्य तो यह है कि अगर बुध खराब हो तो घर में मनी प्लांट लगाने से घर की बहन बेटी दुखी रहती हैं
13* कैक्टस या कांटे वाले पौधे घर में लगाने से तनी प्रबंध हो जाता है अतः जिनकी कुंडली में शनि खराब हो उन्हें ऐसे पौधे नहीं लगाना चाहिए
मृत्यु के बाद 13 दिन का रहस्य
जिस तरह जीवन एक सत्य है ठीक वैसे ही प्रत्येक व्यक्ति को यह भी भली-भांति पता है कि मृत्यु भी एक ऐसा सत्य है इसे कोई जितना मर्जी उतना दे परंतु इसे बदला नहीं जा सकता कहने का अर्थ यह है कि जिस ने इस पृथ्वी पर जन्म लिया है उसे एक न एक दिन अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ती है इस बारे में हम पैसे बहुत से लोगों ने कई बार अपने बुजुर्गों से कहते सुना है कि मृत्यु के बाद मनुष्य शरीर की आत्मा 13 दिनों तक अपने घर में रहती है मगर ऐसा क्यों है इस बारे में क्या किसी ने सोचा है अगर नहीं तो चलिए आज हम इससे आपको रुक रुक कर पाते हैं क्योंकि आख़िर क्यों मृतक शरीर की आत्मा 13 दिन तक अपने घर में भटकते रहती है साथ ही यह भी बताएंगे कि 13 दिन तक मृतक के नाम का पिंडदान क्यों किया जाता है
आत्मा को यमदूत ले जाते हैं उसके बाद उसको फिर से वापस भेज दिया जाता है उसके परिजनों के पास आत्मा अपने पुराने तरीके और परिजन को छोड़कर जाना नहीं चाहती है इसलिए वह बार-बार यही चाहती है कि उसका पुराना शरीर से मिल जाए यमदूत उसे बांधे हुए रहते हैं इसलिए वह अपने पुराने तरीकों की नहीं पाती है जब 10 दिन बाद आत्मा की संतान उसका पिंडदान करते हैं उसके बाद उसको जाने की शक्ति मिल जाती है बस इसी के बाद उसको नया शरीर तलाशने के लिए शक्ति मिल जाती है आत्मा को शरीर में लगभग 45 दिन का समय लग जाता है लेकिन अगर आत्मा का सही विधि विधान से अंतिम संस्कार नहीं होता है तो आत्मा काफी लंबे समय तक भटकती रहती है यही कारण है कि अकाल मृत्यु हो जाने पर आत्मा की शांति नहीं मिलती है।
आज फादर्स डे पर विशेष लेख
पितृ दोष-पितृऋण। वितरण का अर्थ और पिता कारण पिता के द्वारा हमें यह जन्म मिला है यह हमारे पूर्वजों का माना गया है यह पितृ ऋण क ई प्रकार का होता है
ज्योतिषियों के अनुसार पितृदोष कई प्रकार का होता है केविन स्थिति अनुसार जाना जाता है कि इस जातक को पित्र दोष है कहते हैं कि पितृदोष के होने से व्यक्ति की आर्थिक उन्नति रुक जाती है गृह क्लेश होता है घर में कोई मांगलिक कार्य नहीं हो पाता है।
* कुंडली का नवा घर यह बताता है कि व्यक्ति पिछले जन्म के कौन से पुणे साथ लेकर आया है यदि कुंडली के नौवें घर में राहु बुध या शुक्र है तो कुंडली पितृदोष की है
* कुंडली के दशम भाव में गुरु होने के से सापित माना जाता है
* कुंडली के दशम भाव मैं गुरु होने से को ताकत माना जाता है साथ में घर में गुरु होने का आंशिक पित्र दोष लगता है लग्न में राहु है तो सूर्य ग्रहण और पित्र दष चंद्र के साथ केतु और सूरी के साथ राहु होने पर भी पितृदोष होता है
पंचम भाव में राहु होने पर भी कुछ ज्योतिष पित्र दोष मानते हैं जन्मपत्री में यदि सूर्य पर शनि राहु केतु की दृष्टि या युति द्वारा प्रभाव हो तो जातक की कुंडली में पित्र ऋण की स्थिति मानी जाती है विद्वानों ने पित्र दष का संबंध बृहस्पति से बताया है अगर गुरु ग्रह पर दो बुरे ग्रहों पातर हो तो गुरु चाहते आठवें बारहवें भाव में हो या नीच राशि में हो तथा अंसर द्वारा निर्धन हो तो यह दोस्त पूर्ण रूप से घटता है और यह पितृदोष पिछले पूर्वज बाप दादा परदादा से चला आता है जो 7 पीढ़ियों तक चलता है
पितृ दोष के उपाय
रात कर्म अच्छे से करना चाहिए दादा और पिता का अपमान नहीं करना चाहिए अपने से बड़े लोगों लोगों का आशीर्वाद लेते रहना चाहिए वह और इससे दूर रहना चाहिए परिवार खानदान के सभी पुरुष सदस्यों से बराबरी से सिक्के लेकर उसे सनी मंदिर में दान कर देना चाहिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ते रहना चाहिए
खास उपाय
पित्र दोष या पुत्र रामोतार ने के 3 उपाय देश के धर्म अनुसार पूर्व परंपरा का पालन करना पित्र पक्ष में तर्पण और श्राद्ध करना और संतान उत्पन्न करके उसमें धार्मिक संस्कार डालना प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ना प्रकृति पर शुद्ध जल का तिलक लगाना 13-14 अमावस्या और पूर्णिमा के दिन गुड़ की धूप देना घर के वस्तुओं को ठीक करना और शरीर के सभी क्षेत्रों को अच्छी प्रीति से प्रतिदिन साफ सुथरा रखने पर भी यारों चुकता होता है
भविष्यवाणी
पुराणों का अध्ययन करने के बाद पता चलता है कि इनमें से कुछ भविष्य की बातें का भी उल्लेख है पुराणों में अशोक का जो चित्रण किया गया है वर्तमान में हूं वैसा ही हो रहा है पुराणों में लिखा है कि जो व्यक्ति संगठन या समाज के विरुद्ध आचरण कर भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक एकता को खंडित करेगा उसका आने वाला समय में समूल नष्ट हो जाएगा यहां प्रस्तुत है पुराणों की भविष्यवाणी जिसमें उन लोगों के बारे में बताए गए हैं जो पेत्तममा चरण को छोड़ चुके हैं तब अंत में होगी बचेगा वही जो ब्रह्म परायण होगा ।
आज का भविष्यफल
*1* आज का दिन आपके लिए विस्तृत रूप से फलदायक रहेगा लेकिन आगे का साथ मिलने से आपकी संतान के विवाह में आ रही समस्या समाप्त होगी और परिवार में खुशी की लहर थोड़े की
**2** आपको अपने किसी परिजन के स्वास्थ्य की चिंता सता सकती है विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता कर झुकना होगा तभी वह सफलता प्राप्त कर सकेगा प्रेम संबंधों में संवेदनशील तक देखने को मिलेगी
***3*** माता-पिता से आपने वैचारिक मतभेद हो सकता है आपको पड
* वह सज्जन व्यक्तियों का आदर सत्कार करने का मौका मिलेगा जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा***4**** आज का दिन आपके मान सम्मान को बढ़ाने वाला दिन है सरकारी नौकरी में जुड़े जातक को किसी महिला मित्र के सहयोग से व धन लाभ मिलने का संभावना है
*****5***** सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोग अपनी कुछ पर्सनल समस्याओं को लेकर विवादों में घिरे रहेंगे इसके बाद लोग उनके ऊपर उंगली भी उठा सकते हैं आपको अपने परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य डांट खानी पड़ सकती है
******6****** आज का दिन विद्यार्थियों के लिए उत्तम रहने वाला है क्योंकि वह पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और सफलता अवश्य हासिल करेंगे यदि व्यवसाय संबंधी को समस्याएं हैं तो उन्हें आपको अपने परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ मिलजुल कर समझना होगा
*******7******* आपको खाने पीने से कोई पेट संबंधित समस्या आज के दिन आ सकती है दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आप कुछ खरीदारी करेंगे जिसमें आपको अपनी आय का ध्यान रखकर ही देव करना बेहतर होगा
********8******** आपके ऊपर कोई सच्चा झूठा आरोप लगा सकता है जिसको लेकर आप परेशान रहेंगे 12 बार 1 सदस्य आपकी सफलता पूर्ण आनंद लेंगे नौकरी में कार्यरत लोगों को कोई नया पदभार सौंपा जा सकता है
*********9********* आज का दिन आपके लिए अनुकूल परिणाम लेकर आएगा मौसम का बैटरी आज आपके पास पर पड़ सकता है जीवन साथी के साथ आप आनंद में समय व्यतीत करेंगे
आज का खास विश्व शलणार्थी दिवस
भारत में हर साल दुनिया भर में शरणार्थी जिन संघर्षों का सामना कर रहे हैं उनके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिन प्रतिवर्ष 20 जून को मनाया जाता है विश्व शरणार्थी दिवस भी जनता के लिए कल्याण पलायन के लिए मजबूर परिवारों के लिए समर्थन दिखाने के लिए एक महत्वपूर्ण है।
दुनिया भर में शरणार्थियों के साहस और शक्ति को सम्मानित करने के लिए हर सल 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस मनाया जाता है
संयुक्त राष्ट्र इस दिन को उन प्रणालियों को सम्मानित करने के लिए मनाता है जिन्हें उनके घरों से बाहर रहने के लिए मजबूर किया गया था इस दिन का उदय नए देशों में अपना जीवन बना रहे सन्यासियों के लिए समझ और सहानुभूति का निर्माण करना होता है एक बार क्वेश्चन लाती दिवस का विषय है जो वेदर ई विल लर्न एंड टाइम संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कोरोना वायरस बीमारी महामारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम केवल एक साथ खड़े होने से ही सफल हो सकते हैं संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में शरणार्थियों को अधिक से अधिक शामिल करने का अपमान किया है
बेस्ट स्टार नारी दिवस पर पहली बार 20 जून 2001 और 1951 तक भारतीय सम्मेलन की 50 वीं वर्षगांठ पर मनाया गया था संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2000 में आधिकारिक तौर पर 20 जून को एक शरणार्थी दिवस के रूप में नामित किया
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