सार-समाचार,आज का सत्यवादी, आर्यवंश की पुकार,गुहार !
आज के सार समाचार के बारे मे गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन का कथन है कि पहले-पहल जब मीडिया के नाम का इतना बोलबाला नही था फिर भी सरकार के साथ-साथ आमजनता मे काफी था । सभी लोग उसकी ईमानदारी और सच्चाई से भय खाते थे और इज्ज़त करते थे । उस समय मे भी ईमानदारों के बीच बेइमान लोग भी आ जाते थे, और अपना उल्लू सीधा कर लेते थे , ये अलग बात थी ओर इसका तरीका भी अलग था । सरकार द्वारा इन पत्रकारो को काफी सुविधाएं भी दी जाती थी ताकि ये लोग इमानदारी के साथ सरकार का अच्छे कामो मे सहयोग दे सके ।
आज की मीडिया और पहले की मीडिया मे काफी परिवर्तन आ चुका है ना ही वे पत्रकार रहे,ना ही सरकारे और ना ही आमजनता रही । सबकी सोच बदल चुकी हे । और जिनकी सोच नही बदली है तो वो है "आज का सत्यवादी" तथा "आर्यवंश" जिनका आर एन आई न०
आज हमारे देश के प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर नही है बल्कि भारत भ्रमण करनाटक के दौरे पर है ताकि मान० राष्ट्रपति का चयन - प्रक्रिया पूर्ण हो सके ।
आज दैनिक समाचार-पत्र मे एक ही खबर को दो बार छापा गया है जो समाचार पत्रों को खबर से बेखबर करता है । यह छोटी सी खबर नही है बल्कि मीडिया जगत मे आँख बूंदकर कार्य किया जा रहा है यह सिध्द करता है ।
भारत की सेना मे अग्निवीरो की भर्ती मे कुछ ना कुछ कोई बड़ी गलती जरूर है तभी तो प्रकृति बार बार किसी ना किसी रूप से हमे अहसास दिला रही है । प्रकृति से मतलब उन पंचभूतो से है जो दुनिया को चला रहे है । अतः हमे इस पर पुनः विचार-विमर्श करना ही चाहिऐ ।इसमे इंसानियत का पाठ और नियम कै साथ-साथ हिन्दुस्तान मे रहने वाले हिन्दुवाद पर जोर दिया जाना चाहिए ना कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संध का वीरयोध्या बना कर पेश किया जाना चाहिए । आज का बुध्दिजीवी वर्ग , 21 वी शदि का आम आदमी सब समझता है । इसके पीछे और भी अनेको कारण हो सकते जो दिखाई तो नही दे रहे किंन्तु बाद मे उसकी थीम लोगौ को समझ मे आएगी ।
प्रकृति का बदलाव यानिकी पंचभूतो के प्रभाव से मौसम का परिवर्तन का असर कम उम्र की लड़कियो और औरतो के ऊपर ज्यादा ही पड़ रहा है जो यौन शोषण और जल्दी शादी करवाने हेतु बाध्य कर रही है। ऐसा सर्वे रिपोर्ट भी बतला रही है ।
षंजाब-हरयाणा हाईकोर्ट
"15 साल से अधिक मुस्लिम लड़कियों अपनी पंसंद से शादी कर सकती है" आखिर क्यूं ? कानून सब के लिऐ एक हो ।
राहुल गांधी का फैसला राहुल साहू करेगा। डाँ० मरावी और नर्सेस आदिवासी/हरिजन अधिकारियों से उत्पन्न एक थीम - मुख्यमंत्री और ग्रह मंत्री के बीच की राह ? प्रेम करने का अधिकार और बच्चै पैदा करने तथा 3-3 शादियों करने का अधिकार क्या मुस्लिम को ही है ?
गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन
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