भारत की तरक्की का राज जीएसटी !

विश्व के साथ साथ भारत मे भी बढ़ती आबादी, बढ़ती मंहगाई, बढ़ती बेरोजगारी की समस्याएं कम होने की बजाय दिनो-दिन बढ़ती जा रही है जो देश की आर्थिक स्थिति को कमजोर बनाने मे सहायक होती है। कोविड-19 ने और भी समस्या बढ़ी दी। ये सब बातो का प्रभाव पूरे विश्व मे तो पड़ा भारत मे भी पड़ा। किन्तु भारत सरकार ने अपनी समझदारी का एक अनोखा का रास्ता अपनाया देश की आर्थिक स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया। जीएस टी लागू अधिनियम को लागू करके अपने देश की आर्थिक स्थिति को काफी हद तक सुथारने हेतु प्रयास करने मे सफलतम  उपलब्धी मानी गई है । आज हम भारत  मे नोट- बंदी जैसे अनेको कार्य किए गए है और किऐ जा रहे है जो आमलोगो से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रुप से वसूल किया जा रहा है उन कार्यो मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हुआ जीएसटी ही है देश की प्रगतिशील का मुख्य कारण ।
जीएसटी के फायदे और नुकसान भी है उनको अलग अलग रुप से प्रस्तुत किय जा रहा है फैसला आपको ही लेना होगा । सरकार जीएसटी के बारे मे जो बतला रही है वो तो अपनी जगह सही है चूंकि भारत मे भ्रष्टाचार इतना फैल चुका है थमने का नाम हो नही ले  रहा है ।ऐसे मे भारत सरकार ने अपने जीवनकाल मे से कैसे कर वसूल करे इसका रोडमेप धीरे धीरे किस्तो पर तैय्यार कर लागू किया है उसी मे से ये जीएसटी का भूत निकल कर आया है ।जीएसटी से सरकार को तो फायदा हुआ कि रेट फिक्स हो गए तो आमजनो को भी लाभ मिला और मुनाफाखोरी पर लगाम कसी किंतु सरकार की जल्दबाजी और अफसरो ने सही ढग से ना बताने के कारण मंहगाई जबरन बढ़ी है ।
सबसे बड़ी भूल यही हुई कि बार्निग वाले रेटो पर ध्यान नही दिया गया और उसी पर जीएसटी की घोषणा कर दी गई जिसके कारण मंहगाई बढ़ गई और व्यवसायो और सरकार को लाभ मिला और आमजनो को हमेशा के लिए नुकसान हो गया। सरकार की यह भूल सरकार को भारी पड़ गई।
सरकार जब अधिक लाभ होने लगा तो वह भी चुप हो गई और भूल गई। जीएसटी कभी ज्यादा तो कम का खेल चलता रहा और अब तो प्रायः प्रायः सभी आवश्यक वस्तुओ पर जीएस टी लागू कर दी गई है
गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन
लेखक-आलोचक-काउंसलर
"श्रीरामधुन"

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