म०प्र० सरकार मे नशे का व्यापार !
वर्तमानकाल मे म०प्र० के गांव गाव गली गली मे नशे का व्यापार जोरो से चल रहा है और इसे सरकार का संरक्षण प्राप्त है। हमारे अथवा हमारी टूस्ट द्वारा वर्षो से चलाऐ जा रहा "नशामुक्ति अभियान" पर पानी फिरता नजर आ रहा है। हमारे टूस्ट के अनेको संस्थानो के अलावा भाजपा नेत्री उमा भारती भी इस अभियान मे शामिल हे उनका अब क्या होगा ?
यह सवाल मान० नरेन्द्र मोदी जी से है । और यह आवाज मेरी नही है, यह आवाज़ तो आम-जनता की है। इन्हीं आवाज के बीच यह भी सत्य है कि गुजरात मे नशाबन्दी है फिर भी वहां शराब बिकने का धन्धा चल रहा है ?
इसका कोई उत्तर है उनके पास ! ऐसे ऐसे अनेको सवाल है जिन्हें संघ के सरसंघचालक को भी एक ना एक देना ही पड़ेगा । साथ ही साथ यह भी बताना होगा कि पार्टीफंड मे इतना पेसा कहां से आ रहा है। आमजनता इसलिये चुप बैठी है,बगावत नही कर रही है कि-देश की तरक्की हो रही है और श्री नरेन्द्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री है अन्यथा सरकार कभी की गिर गई होती । म०प्र० के पास इन्कम आँफ शोर्ष नही है और यहां के नेता पक्के नेता है जो भ्रष्टाचार के बादशाह है किन्तु जनहित मे तो कोई काम नही कर है बल्कि पहले अपना हित देख रहे है ।आज म०प्र० मे कोई भी नेता दूध का धुला नही है । इसी कारण से दूध के भाव भी पढ़ रहे और आमजनता खमोश है । अभी चुनाव मे समय है उसके आते आते तो महगांई आसमान छू जाएगी। ये बाते सभी नेता जानते है । ये भाजपा विपक्ष को नेस्तनाबूद करने पर क्यो तुला है जबकि विपक्ष मजबूत होगा तो देश की तरक्की होगी किन्तु यहां ऐसा बिलकुल भी नही है ।यहां पर कथनी,करनीके बीच की दूरीया बढ़ती जा रही है । देश मे ईमानदारो की कमी नही है बस उन्हे मौका नही मिल रहा है ।
वर्तमान समय में वही सब कुछचल रहा है जो अंग्रेजी हुकूमत मे चल रहा था जंगलराज। तानाशाही भी वेसी ही चल रही है किंतु उसका स्वरूप मे थोड़ा परिवर्तन है ,सिध्द होने की गुंजाइश बिलकुल नही है।
म०प्र० सरकार के कारनामो को सिध्द करते ये समाचारपत्रो की खबरो पर प्रकाशित खबरे भी बतला रही है ।
अब ऐसे मे सरकार ही बतलाऐ कि वह जो कुछ भी कर रही है वह सही है अथवा नही ?इस बात का मैसेज पूरे विश्व मे प्रसारित हो रहा है पंचभूत भी देख रहे है। गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन आगे यह भी बतला रहे कि शराबबन्दी और नशा करने वालो के लिए मान० न्यायालय भी कड़ा रुख अपना रही है अभी हाल मे ही एक अजीबोगरीब प्रकरण पर मान० न्यायालय ने अपने आदेश मे कहा है कि -
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाई कोर्ट ने तलाक से जुड़े एक मामले में अहम फैसला दिया है कि हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी अगर पुरुषों की तरह पान मसाला गुटखा खाए और शराब के साथ-सथ मांस खाए खाकर पति को तंग करती है तो यह कुर्ता है जस्टिस गौतम भादुड़ी और राधा किशन अग्रवाल की पीठ में ने इस आधारों पर पति को तलाक मांगने का अधिकारी बताया है दरअसल कोरबा जिले के बंकी मोंगरा के युवक की कटोरा की युति से मई 2015 में शादी हुई थी शादी के 7 दिन बाद पत्नी बिस्तर में बेहोश पड़ी थी पति उसे इलाज करवाने के लिए लेकर गया तो पता चला कि वह शराब पीने के साथ ही नॉनवेज और गुटका खाने की आधी है इसे लेकर परिजनों ने उसे समझाया इसके बावजूद बेईमान और पत्नी ससुराल वालों से दुर्व्यवहार करने लगी
इस वजह से पति ने तलाक के लिए अदालत की शरण में गया युवक की ओर से दायर याचिका में बताया गया है कि महिला गुटका खाकर बैठा हूं मैं कहीं भी धूप देती थी मना करने पर झगड़ा करती थी महिला ने 30 दिसंबर 2015 को खुद को आग लगाकर आत्महत्या की भी कोशिश की इतना ही नहीं दो बार छत से कूदकर और फिर दो बार कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी इससे परेशान पति ने के परिवार वालों अदालत तलाक की अर्जी लगाई थी जिसे अदालत ने यह कहकर खारिज कर दिया था कि यह उनकी निजाता है पति ने परिवार अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
लेखक-आलोचक-काउसंलर
श्रीरामधुन
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