आमजन छोड़,सबको दे दिया प्रसाद !

आमजनो को छोड़कर,सभी लोगो को प्रसादस्वरुप दे दिया है सरकार ने ! आईऐ देखते है किस किस को क्या मिला है  जानते है  बकलम से  गुरूजीसत्यवादी  श्रीरामधुन की लेखनी से -
      आज भारत की जनता अपने अपने दिलो से पूछती है कि आखिर
कार उन्हे आज तक सरकार से क्या
मिला है ?
     सरकारी नौकरी करने वालो को ही उनकी मेहनत का फल मिला है किन्तु सरकार से अतिरिक्त क्या मिला ? जो कुछ भी मिला है तो राजनीति करने वालो को मिला है । इतने कम समय मे बिना कुछ किऐ अत्यधिक धन अर्जित करने का श्रेय इन्हे मिला है जो ग्रीनीज़ बुक आँफ इंडिया मे दर्ज कराने जैसा है। इसलिए सरकार ने सरकारी नौकरयां ही बंद कर प्रायवेटीकरण को महत्व देना शुरु कर दिया है ।
     अब सरकार राजनीति मे अपना पैसा लगाकर दांव खेल रही है । भारत के नेता सरेआम नीलाम हो रहे है और पार्टी छोड़कर दूसरे पार्टी मे जा रहे है और कमाई कर रहे है । यह क्या ठीक है ! बिल्कुल भी नही ये तो आमजनो के विश्वास का गला घोंट रहे है और सरकार इन्हे अच्छा मान रही है । 
     आज टी वी चेनल वाले भी आमजनता के विश्वास का गला घोंट रहे है । बड़े-बड़े पैकेजो का लेन देन कर रहे है । जनता को तो लूट ही रहे है साथ ही सरकार के पक्ष-विपक्षो से लूटपाट कर हेलीकाप्टर, हवाईजहाज़ मे सफर
कर रहे है और बेचारी आमजनता ने अभी तक हवाईजहाज का सफर तो दूर की बात है देखा ही नही है ।
और देखा भी है तो हवाहवाई मे ।
     सरकार की नीति हमेशा गरीब को गरीब और धनवान को धनवान बनाने की रही है । जबकि हकीकत
यह है कि इन्ही लोगो के कारण सरकार चल रही है । कर्ज लेने-देन के चक्कर मे भी फंसा रखा है । 
     अमीरी-गरीबी की चक्की मे कोई पिस रहा है मध्यमवर्गीय परि-
वार इनके बारे मे सरकार ने आज तक कभी नही सोचा है । धीरे-धीरे
सभी मध्यवर्गीय परिवार गरीबो की श्रेणी मे आ चुका है । ऐसे लोग मात्र
जी रहे है । 
          बच्चो की शिक्षा सरकार
ने मंहगी कर दी है । अब वह दिन दूर नही जब अनपढ़ो की जनसंख्या
मे भी बढ़ोत्तरी होने लगेगी क्योकि पढ़ाई-लिखाई करने के बाद रोज-
गार नही मिलेगा तो वह मजदूरी करने पर जब विवश होगा तो उसका विश्वास पढ़ाई से उठ जाऐगा
तो अपने बच्चो को शिक्षा नही देगा अपितु अपना पुस्तैनी धंधा अपनाने को मजबूर होगा । यह सरकार की अक्षमता को सिध्द करेगा ।
      सरकारी योजनाऐ योजनाबद्ध तरीके से लागू ना करना भी सरकार की नाकामी कौ सिध्द करता है । आज गरीब ना होते हुऐ भी उसका लाभ लिया जा रहा है जांचपड़ताल करने के लिऐ सरकार के पास समय ही नही है । अतः दिखावा बंद करे सरकार और पारद्शिता लाने की कोशिश करे साथ ही झूठ भी बोलना बंद करे । लाभकारी योजनाओं का लाभ सबको मिले अथवा सही पात्र को मिले नियमो
के अंतर्गत मिले ऐसी व्यवस्था करे तो उचित होगा । सरकारी लाभ जो प्रसादस्वरूप होता है उस पर सब समान अधिकार आमजनो को मिले
समाचार-पत्र-पत्रीका मे भी भेद- भाव सरकार द्वारा किया जा रहा है वह भी मात्र भारत मे ही ऐसा हो रहा है सभी चोर है । सरकारी विज्ञापनो मे दैनिक, सप्ताहिकी, मासिक समाचार पत्र पत्रिकाओं के विज्ञापन देने के मापदंड सही होने के कारण भ्रष्टाचार होने के कारण अनेको अच्छे पत्रकारो का जीवन बरबाद हो गया है । 
    सरकार के अनैतिक कार्यो के कारण देश को बहुत बड़ा जो नुकसान हो रहा है उस पर आज तक ध्यान नही दिऐ जाने के भ्रष्टाचार बढ़ा है जो सरकार की ही गलती है । इसमे छोटी गलती ही बड़ी होती ग ई और आज विकराल
रुप धारण हो ग ई और सरकार कुछ भी नही कर पाई । सरकार बनते ग ई,बदलते रही लेकिन कुछ भी नही हुआ जिसके कारण हम सरकार को अच्छा 100% के मार्क दे सके ।
गुरूजीसत्यवादी श्रीरामधुन
लेखक-आलोचक-व०पत्रकार

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