कुछ भी ठीक नही चल रहा है !
वर्तमान समय मे कुछ भी ठीक नही चल रहा है ऐसा तमाम सर्वे करने वाले संस्थाओं का कथन है जिसकी पुष्टि आज का मीडिया भी
बड़ी उम्मीदों के साथ वर्ष 2024 का आगाज़ हुआ था जो रफ्तार ना
पकड़ते हुआ ठंडे बस्ते की ओर जाते हुऐ नजर आ रहा था । मैने भविष्यवाणी तो की थी लेकिन ऐसी उम्मीद नही थी कि ऐसे भी दिन देखने पड़ेगें । जहां भगवान राम का भव्य मंदिर जिस राजनीतिक पार्टी ने बनवाया था वही से वह पार्टी बुरी तरह से हार जाऐगी । अब यहां पर यह बात तो तय हो जाती है कि धर्म से राजनीति को ना जोड़ा जाऐ बल्कि
धर्म से इसका कोई वास्ता है ही नही यह सिध्द होता है ।
वर्तमान वही चल रहा है जो वर्षो से चल रहा है और आगे भी घलते रहेगा । हमारे भारत देश मे इस समय भ्रष्टाचार चरम सीमा पर चल रहा है । मंहगाई, जनसंख्या आबादी रुकने का नाम नही ले रही है व्यभिचार रोके नही रुक रहा है ।
रिस्वतखोरी,मिलावट,ठगी,लूटमार,
परिवारवाद ,भाई-भतीजावाद,पर कोई अंकुश नही । सरकारी अफसर, अफसर व नेता मिलकल देश को नानाप्रकार से लूट रहे है । पूंजीवाद समाप्त नही हो रहा है ।
जब सरकार कुछ नही कर पा रही है तब ऐसी स्थिति मे आमजनो को ही कुछ करना होगा अतः निम्न बातो की सलाह दी जा रही है :-
पहले यह बात एक बात अच्छी तरह से समझ ले - उतार चढ़ाव हर एक के जीवन में आते हैं जाते हैं इससे आपको निराश बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए । आप रात को थोड़ा जल्दी सोने की कोशिश करें और सुबह 5:00 बजे तक उठकर बिस्तर छोड़ दिया करें और किसी एकांत स्थान पर बैठकर अपने मन को एकाग्र करने की कोशिश करें । तथा अपने धर्म के अनुसार उस पर ऊपर वाले की कोई छवि अपने मन मे बनाना शुरू करें । कुछ ही दिनों बाद में वह छवि आपके मन मे साकार होने लगेगी । तब ऐसा होने लगेगा जब आप अपनी समस्या उनको बताएं और सही मार्ग दिखाने की प्रार्थना करें । पहले - पहले बात जैसे जैसे वह छवि साकार रूप होने लगेगी आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आपकी समस्या समाप्त हो गई है और आशा की बहुत सारी किरणें आपके सामने है और आपकी लाइफ अच्छी तरह सेटल हो चुकी है लेकिन इसके लिए कुछ कुर्बानी भी देनी होगी । सत्य का आचरण जीवन के हर क्षेत्र में करना होगा । दूसरे के पत्नी और दूसरे के धन पर कभी गलत नजर मत डालना । यदि सामने कोई जरूरतमंद आ जाए तो अपने सामर्थ्य के अनुसार उसकी मदद अवश्य करना और जो कुछ ईमानदारी से मिले उसी में खुशी से गुजारा करना होगा। बेहतर परिणाम पाने के लिए उस पर ऊपर वाले का शुक्रिया हर उसे चीज के लिए करें । जो उसने आपको बिना दिया है, बख्सा है ।
यह तो बहुत अच्छी बात है कि आजकल जीवन में कुछ भी अच्छा या मन मुताबिक नहीं चल रहा है। अच्छा है कि जीवन में कुछ बुरा लिखा है वह भी अभी हो रहा है क्योंकि यह परम सत्य है कि संसार में आने वाला कोई भी प्राणी भाग्य में कभी बिना दुख लिए जन्म लेता ही नहीं है । विपरीत परिस्थितियों में खुद को सहज रखना सीख लो बहुत काम की चीज है । आगे चलकर बहुत काम आएगी । अपने आसपास देखो हर कोई किसी न किसी वजह से दुखी है। आप भी वही गलती मत करो । आज तक ऐसी कोई रात नहीं आई और ना ही आएगी जिसका कोई सवेरा नहीं हुआ हो । आज तक मैनै ऐसा वृक्ष देखा ही नहीं जो पतझड़ के भी, बीत जाने पर फिर से हरा भर भरा हुआ नही हो । इसलिए दोस्तों चिंता मत करो , हौसला रखो , मुस्कुराते रहो । अपनी उम्मीदें को जिंदा रखने के लिऐ कहते हैं कि जब कोई एक राह बंद होती है तो अनेक राहे खुल जाती हैं । जरा नजरे घुमाइए किसी ने कहा है कि- "जब मन का हो तो अच्छा और जब मन का ना हो तो और भी अच्छा " । सकारात्मक सोच बनाए कुछ ना कुछ अच्छा अवश्य होगा। जीवन में कई बार सच में कुछ भी समझ में नहीं आता कि क्या करें, क्या ना करें ? मानसिक संतुलन हिल जाता है कभी-कभी तो बहुत बुरे बुरे बुरा विचार भी आते है कि - छोड़ दूं दुनियादारी ,बस अकेले कहीं भाग जाऊं या खुदकुशी कर लू, खत्म कर लूं आदि आदि । ऐसे ना जाने कितने विचार आते हैं पर मैं आपको इतना ही कहूंगा कि जब मेरे साथ ऐसा होता है तो मैं भागवत गीता पढ़ने बैठ जाता हूं या मेडिटेशन करता हूं लेकिन यह एक धार्मिक पुस्तक मत समझिए यह एक मोटिवेशन पुस्तक है । सच इसे कोई भी धर्म कोई भी जाति का पुरुष क्या महिला पड़ सकती है । यह जीवन की एक अनमोल किताब है । मैं यकीन दिलाता हूं कि
गीता का पाठ पढ़ने से सभी चीजो मे राहत मिलेगी ।
लेखक-आलोचक-काउंसलर
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