गरीबी की सोच,अतंरात्मा से हटाओ -

निर्धन होने की सोच अपनी आत्मा से निकालो और वे काम करो जो तुम कर सकते हो आखिरकार धन का क्या करोगे,सोचो ! उत्तर देगा - शमशानघाट,कब्रिस्तान । यही वो स्वर्ग का रास्ता है जहां पहंच कर इंसान सूकून महसूस करता है । यहां कोई गरीब-अमीर नही होता ।
        हर सेलेब्रिटीज़ की बड़ी-बड़ी सोच, बड़ी बड़ी उम्मीदें व कार्य, पठन पाठन आदि आदि होते है । किन्तु रातो को नींद नही आती है जिसके लिऐ पैसे खर्च करता है फिर भी उनके जीवन मे सुकून नही मिलता है ।     
जबकि गरीब व्यक्ति रोज कमाता है,खाता है और सुख चैन की नींद सोता है । ऐसा करता हुआ पूरा जीवन बिता देता है ।
     जीवन जीने के लिऐ संतोष चाहिए वो गरीबो के नसीब मे है । गरीब सपने नही देखते है चूंकि उनके पास समय ही नही है । लेकिन एक बात तो है कि गरीब भी
चाहता है कि वह भी अमीरो की तरह जिऐ ! कोई-कोई सफल भी हो जाते है चूकि उनके भाग्य मे लिखा होता है । गरीबो की मेहनत पसीने का उपयोग कर अमीर और भी ज्यादा अमीर बनते जाता है यह भी एक कटु सच हे । यदि अमीरो का काम गरीब नही करेगा तो वे हर चीजो के लिऐ परेशान हो जाएगा  ।
पैसा और धन-दौलत किसी भी काम नही आऐगी । अमीर और गरीब का चोली-दामन का साथ है ।             गरीबी का अहसास करना एक नकारात्मक  ऊर्जा है जो इंसान को आगे बढ़ने मे रोकता है । सकारात्मक सोच से ही हम गरीबी
को हटा सकते है ।यहां पर गरीबी की  बात  ही नही , सभी प्रकार की नकारात्मक  उर्जा शामिल है ।
किसी ने सच ही कहा है -
" बोलना सब को आता है
  किसी की जुबान बोलती है
  किसी की नीयत बोलती है 
  किसी का पैसा बोलता है 
  किसी का समय बोलता है 
  किसी का पद बोलता है
 परंतु जीवन के अंत मे सिर्फ
  इंसान का कर्म बोलता है ।। "
गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन
लेखक-आलोचक-काउंसलर

    

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