धर्म परिवर्तन की अनुमति दे सरकार !

धर्म परिवर्तन की अनुमति दे सरकार अन्यथा मेरी बाते माने !
     समय परिवर्तन ,युग परिवर्तन
के साथ साथ धर्म परिवर्तन की घटनाऐ रोजाना घट रही है और सरकार कुछ भी नही कर पा रही है तो उसे सरकार चलाने का हक बिलकुल भी नही है । धर्म का व्यवसाय जोरो पर चल रहा है वो भी सरकार की देखरेख मे । इसी के साथ साथ भिक्षावृत्ति भी कर रही है और करवा रही है सरकार । धार्मिक स्थलो का निर्माण ,पर्यटकों को लुभावने पैकेजो का आँफर दिया जा रहा है । गरीबो को मुफ्त अनाज एवं अन्य सुविधाएं देने वाली सरकार देश के हित के बारे क्या सोचेगी और अपनी पार्टी और नेताओ के हितार्थ क्या सोचती है इस बात से आमजनता आज अच्छे से समझती है इसी वजय से वोटिंग करती है यह उसकी मजबूरी है । और इसी मजबूरी का लाभ दूसरी अन्य पार्टी भी उठाती है । बुध्दिजीवी वर्ग की राग और ढपली अलग ही बजती है ।
    धर्म के नाम से कभी भी राजनीति नही चल सकती है और जहां पर भी चल रही है वहां पर कुछ ना कुछ आऐ दिनो वाद-विवाद चलते ही रहते है । आज तक जितने भी धर्मपरिवर्तन हुऐ है
उसमे सरकार ही दोषी पाई ग ई है ।
सरकार की वजय से , सरकार के ही सामने धर्मपरिवर्तन होते रहे है उन्हें सरकार ने कभी भी रोकने की कोशिश नही की । यह बात भारत की स्वंतत्रता के बाद की है । पहले भी धर्मपरिवर्तन होते रहे है और अभी हो रहे है चूंकि सरकार ने नियम तो बना दिऐ किन्तु उसे सही ढ़ग से लागू नही किया । धर्मपरिवर्तन के प्रकरण रोजाना हो रहे है और सरकार कुछ भी नही कर पा रहे है । अतः सरकार को इस संबंध उचित कार्यवाही करना चाहिए और इसे प्राथमिकता देना होगा ।
धर्म परिवर्तन के अनेको कारण है:-
* विश्वास में बदलाव के कारण स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन
* मृत्यु सैया पर धर्म परिवर्तन
* सुविधा के लिए धर्म परिवर्तन
* वैवाहिक धर्म परिवर्तन
* जबरन धर्म परिवर्तन
* किसी लाभ के लिए धर्म परिवर्तन
      भारत में नए धर्म के पनपने का कारण जाति व्यवस्था भी है ।जाति व्यवस्था ने लोगों को अलग-अलग सामूहिक सामाजिक समूह में पाठ दिया था । ब्राह्मण सबसे ऊंची जाति थी और अछूत सबसे निचली जाति थी । जाति व्यवस्था के लोगों को समझ में आगे बढ़ने से रोक दिया गया था ।  धार्मिक परिवर्तन को सामाजिक और राजनीतिक कारक भी प्रभावित करते हैं - उदाहरण के लिए मध्य युगीन कल में कैथोलिक चर्च लोगों का केंद्र था जब इन के बारे में आलोचना होने लगी कि वे पैसों के लिए प्रार्थनाएं बेच रहे हैं और लालची व्यवहार कर रहे हैं तो विश्वास संकट पैदा हुआ इसके बाद प्रोटेक्टेड सुधार हुआ ।
अनेक धर्म से लोग विभिन्न धर्म में धरमत्तारित होते हैं जिनमें विश्वास में हुए परिवर्तन के कारण स्वेच्छा से होने वाला सक्रिय धर्मातारण द्वितीय धर्मात्रण मृत्यु सैया पर होने वाला धर्मांतरण किसी लाभ के लिए की जाने वाला तथा वैवाहिक धर्मात्रण एवं बलपूर्वक किए जाने वाला धर्मांतरण भी शामिल है ।
धर्म के मुख्य लक्षण :-
* धैर्य  *क्षमता *दम *चोरी ना करना *पवित्रता *इंद्रियों को बस में रखना *सात्विक बुद्धि *अध्यात्म विद्या *सत्य *और क्रोध न करना ।    आचरण विचार और सचरित्र ही धर्म है जो व्यक्ति नैतिक है जिसका आचरण पवित्र है एवं जो अपने धर्म कर्मों के प्रति निष्ठावाहन है और जो जीवन के अपने कर्तव्य पर निर्भर करता है वह व्यक्ति धार्मिक है धार्मिक धर्म का पूजा पाठ से कोई संबंध नहीं है ।
धर्मपरिवर्तन आज से नही वर्षों से चला आ रहा है । अपनी ही जातियो को बढ़ाते हुऐ सत्तारूढ़ पार्टी तैय्यार कर प्रशासन करना एक आम बात है जो पहले भी चल रही थी और आज भी चल रही है ।
 इस कार्य मे मुस्लिम वर्ग के लोग सबसे आगे है । हलाकि जनसंख्या
को रोकने के सरकार के फरमान को ये मानते नही थे नतीजन उनकी संख्या फिर से बढ़ने लगी है । और
यही से क्राइम की भी बढ़ोतरी हुई है और आज चरम सीमा पर है । अतः इस पर अंकुश लगाने की अतिआवश्यकता है । अब तो ऐसी स्थिति हो ग ई है कि इस पर कड़ा कानून बनाने की आवश्यकता है ।यह समस्या भारत की ही नही सम्पूर्ण विश्व की है । अतः विश्व- स्तरीय बैठक द्वारा इसे हल करने हेतु ठोस कदम उठाने की अति - आवश्यकता हो ग ई है ।
गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन
लेखक-आलोचक- काउसंलर


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