आज मेरे बच्चे बुलेट (अर्पित) की प्रथम पुण्यतिथि है , श्रद्धांजलि।
Get link
Facebook
X
Pinterest
Email
Other Apps
-
कल दिनांक 16.06.2025 को मेरे छोटे पुत्र( बुलेट) अर्पित कुंवर को प्रथम पुण्यतिथि है । श्रृद्धांजलि आयोजन टूस्ट कार्यालय एवं निवास स्थल पर सम्पन्न होना तय है। आज दिनांक 15.06.2025 को फादर्स -डे पर प्रसारित संदेश।
गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन
संस्थापक, सम्पादक, अध्यक्ष,काउंसलर,विप्पसकयोगा
मां आदिशक्ति दर०धार्मिक एवं परमार्थ टूस्ट ७,शांपिग सेंटर टीला-
अच्छे समय की दस्तक शुरू हो चुकी है । जल्द ही वह घड़ी आने वाली है जब आपको अपने बारे सही जानकारी मिलने वाली है बस अंधेरा छंटने वाला है और उजाला होने वाला है । इस घड़ी की अच्छी कल्पना करिए । गुरुजी सत्यवादी श्रीरामधुन
मेहर जाति का इतिहास - मैहर गांव में परंपरागत चरण व्यवसाय से जुड़ी हुई जाती है मेहर पुरुष कृषि उपयोगी चमड़े का सामान बनाना तथा महिलाएं दी का काम करती हैं कार्य के बदले में इन्हें अनाज दिया जाता था जिसे जेवर कहा जाता था तथा इन्हें मेहर प्रदान किया जाता था हीरालाल और रसेल 1916 संभवत है इसी आधार पर इनका मेहर नाम पड़ा था । मैहर छत्तीसगढ़ की एक अनुसूचित जाति है ग्रामीण समाज व्यवस्था कोनी बसारी में से एक नहर मैदानी भागों के गांव में तीन या चार परिवारों के औसत में निवास करते हैं सामाजिक संरचना में मैहर जाति का स्थान निम्नतम है इसलिए मैहर जाति की सांस्कृतिक दशाओं का अध्ययन शोध का मुख्य उद्देश्य है मेहरा जाति का इतिहास मेहरा मेहरारू मेहरारू छतरी पुत्री भारत के राजपूत और खत्री समुदायों में एक उपनाम है मेरा लोग कुमायूं मंडल में एक मजबूत जमीदार राजपूत है नाम की उत्पत्ति संस्कृत भाषा के मिहिर शब्द से बताई जाती है जिसका अर्थ सूर्य होता है बाद में चलकर इन्हीं से मैं रतारा मल्होत्रा और मल्होत्रा उपनामों का उदय हुआ है मेहरा समाज के कितने गोत्र होते हैं ...
Comments
Post a Comment