एक बूढ़ी नैत्रहीन महिला

भारत में रहने वाले लोगों को अभी भी विश्वास है कि आगामी वर्ष में विदेशों में जमा काला धन वापस आएगा ,इसी काले धन पर भारत के साथ-साथ उनकी आर्थिक दशा में भी सुधार आएगा ।काले धन पर माननीय नरेंद्र मोदी आज सत्ता चला रहे हैं ।आज भारत की जनता इस काले धन पर 1500000 रुपए मिलने की  आशा लगाए बैठे हैं ।आज मोदी सरकार सत्ता में आए वर्षों व्यतीत हो गए हैं बीच-बीच में कभी-कभी काले धन पर हो रही कार्रवाई के बारे में खबरें प्रकाशित होती हैं ।जिससे लोगों में फिर से एक आस बंंद जाती है। आम जनता की यह आस  श्री नरेंद्र मोदी के कुछ भाषण को देश में इतना काला धन आने के प्रति प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से में 1500000 रुपए आएंगे पर बल मिलता है स्विजरलैंड के बैंकों में भारतीयों की खातिरदारी खाते खाताधारकों की तीसरी सूची सितंबर 2021 को मिलने की खबर भी प्रकाशित हुई थी ।यही तो कारण है जो मोदी सरकार चलने की वजह है ।इस संबंध में विदेशी सरकारों के बीच एक समझौता भी हुआ है जो इस बैंक ने भारतीय नागरिकों के कालेधन की सूची 2019 व 2020 में भेज दी थी फिर भी तीसरी सूची का इंतजार  बतला रही है । भारतीय सरकार आखिर क्या छिपा रही है।.केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद आम जन को लगा था कि अब शायद कुछ ऐसा हो जो पहले कभीनहीं हुआ  हो ।.काला धन की उत्पत्ति कहां से हुई ।. बुद्धिजीवी वर्ग सभी जानते हैं वर्तमान में रोजाना लाखों की रिश्वत लेते अधिकारियों के पकड़े जाने की खबरें सार्वजनिक होती रहती है । बड़े बड़े बैंकों और विदेश से होने वाली अरबों खरबों की खरीदी पर क्रय विक्रय में कमीशन का खेल भी किसी से नहीं छिपा है इसके बावजूद इसके नेता अधिकारियों के नाम सामने आए ।  कानून प्रक्रिया इतनीजटिल है कि काले धन करने वाले पर शिकंजा कस नहीं  पा रही है ,तो फिर कैसे यकीन होगा कि विदेशी बैंकों में जमा काला धन कब कभी वापस आ भी पाएगा ।. यहां यह सवाल उठना  स्वाभाविक है कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में पहले काला धन वापस लाने का वायदा करने वाली सरकार कितनी सफल है। इसका कारण क्या है ।.भ्रस्ट तरीकों से कमाई करने वालों ने कानूनी अड़चनों से बचने के लिए अनेक अनेक रास्ते निकाल रखे हैं ।गैर सरकारी संगठन एनजीओ के माध्यम से काले धन को उपयोग करने की बात भी सामने आई है भारत में जितने भी अधिकारी और बड़े-बड़े नेताओं ने अपने परिवार वालों के नाम से नाम से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से एनजीओ 

संगठन और ट्रस्ट बना रखे हैं और उस के माध्यम से काला धन उपयोग कर रहे हैं और कानूनी दांवपेच का इस्तेमाल कर रहे हैं इन्हीं अधिकारियों  के कारण सही काम करने वाले संगठन ट्रस्ट को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है ।भोपाल में कार्यरत मां आदिशक्ति दरबार धार्मिक एवं परमार्थ टूस्ट है जो भ्रष्टाचार अफसर और नेताओं के भ्रष्टाचार को उजागर करने में सक्षम है उसे मौका नहीं मिल रहा है ऐसे में सरकार को आगे आ कर बताना चाहिए कि बीते सालों में इन मुद्दों पर उसने क्या कदम उठाया । आखिरकार विदेशों में जमा कालाधन भारत में कब वापस आएगा ।.भारत मे भ्रष्टाचार करने वाले बड़े-बड़े नेता और अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो पा  रही है । सत्ताधारी नेताओं को छोड़कर अन्य पार्टी नेताओं और अफसरों पर ही कार्रवाई क्यों की जा रही है राजनीती को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में क्या-क्या पहल की जा रही है ।आम जनों के समक्ष इन सवालों का जवाब दें ।

संपादक, संस्थापक, अध्यक्ष, काउसंलर

आज का सत्यवादी, आर्यवंश

माँ आदिशक्ति दरबार धार्मिक एवं परमार्थ टूस्ट भोपाल।

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