यथावत का सफरनामा जारी है......!

"यथावत "का सफरनामा जारी है  के  लेख  पर  गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन बतला रहे है  कि देश मे मे जो भी चल रहा हे वह बिल्कुल भी ठीक नही है । प्राकृतिक आपदाऐ भारत मे ही नही अपितु पूरे  विश्व मे  कोहराम की चीख पुकार मचा रही है  ।

वर्ष 2022 संघर्षों से भरा हुआ है । 

        " यथावत " का शाब्दिक 'अर्थ-जहां है , जैसे है, उसी स्थिति मे रहना ।
        * बिलकुल पूर्व के ही जैसा * ठीक उसी तरह का * जैसा था वैसा ही, ज्यों का त्यौ 
      टूस्ट "माँ आदि शक्ति दर० धार्मिक एवं परमार्थ टूस्ट भोपाल म०प्र० की हालत भी लेख के शीर्षक जैसी ही है । इन17 सालो मे कोई परिवर्तन नही आया जैसाथा वैसी ही हैज्यो की त्यो । सरकार यह अड़ियल रवैया मे भी कोई परिवर्तन नही आया । टूस्ट की मान्यता ,अनुदान,व भूमि आंवटन के प्रकरण अभी तक विचाराधीन है
अब तो कोई उम्मीद भी नही है और चाहिए भी नही । 
जिस देश मे मान० राष्ट्रपति, राज्यपाल के अपीलीय आवेदन पत्र म०प्र० राज्य ने कोई कार्यवाही नही कर सका तो
उस राज्य से क्या उम्मीद की जाऐ। लेकिन थह तो समझ आ गया कि.सरकार आदिवासी/हरिजनो के लिए कुछ नही कर रही है बल्कि उनका लाभ ले रही है और शासन कर रही है । टूस्ट का कार्य तो चल रहा है,वो भी सरकार के किसी मदद के बिना । आगे भी चलता रहेगा ।
    माननीय राष्ट्रपति जी के साथ साथ आदिवासी/हरिजन वर्ग के नेताओं व अधिकारियों तथा आमजनो से अनुरोध से अनुरोध है कि वे टूस्ट के प्रकरण पर गंभीरता पूर्वक निर्णय ले, जांच कराऐ और दोषीयो के विरुद्ध कार्रवही करने मे सहायता प्रदान करे ।

     गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन 




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