कालेधन पर कसता शिकांजा ...!

वर्तमान सरकार इस समय कालेधन व काली कमाई करने वालो षर कार्यवाही कर रही है और वो भी तबाड़तोड़ तरीकों से देश के
चार ओर से ।किंतु सरकार अनेको छोटी छोटी बातो की तरफ ध्यान नही दे रही है । पूंजीवाद को जो बढ़ावा दे रही है वह उचित नही है।
अपने अच्छे कार्यो के बीच मंहगाई और बेरोजगारी को भी भूलते जा रही है । जीएसटी वसूलने के चक्कर  प्रिंटेड रेट सही आंकलन ना करने के कारण भी बहुत सी चीजो पर से अपना ध्यान हटा दिया
है इस वजय से बहुत चीजे मंहगी 
हो गई है ।इससे सरकार और कम्पनी को लाभ तथा आम जनता को नुकसान होना पड़ रहा है ।
    कालेधन पर जो प्रहार हो रहा है चोतरफा से हो रहा है देश की आजादी के समय मे कुछ गलती तो है उसे सुधारने के लिऐ जरूरी  है संविधान  मे संशोधन और इसके लिऐ बहुमत चाहिए  तभी संभव हो सकता है । 
इस काले धन का उपयोग सबसे ज्यादा चुनाव मे होता है और वह समय बहुत  ही नजदीक आ चुका है । दैशप्रदेश की सरकार और चुनाव आयोग का परम कर्तव्य है कि ने चुनाव मे खर्च की काली कमाई पर एक्शन ले ।
    राव का दौरा से ही चुनाव सुधारों पर चुनाव की चर्चा भी फ्री हो जाती है चुनाव में काले धन के दुरुपयोग के मामले में संसद से लेकर एक अदालत में कई बार कोशिश की लेकिन सत्ता में जो भी रहता है उसे राजनीति की जयपुर आई शायद ही नजर आती है तभी तो अदालतों में से लेकर चुनाव आयोग की सिफारिशें ना जाने कौन सी फाइल में जाकर बंद हो जाती है चुनाव में काले धन से करने के लिए चुनाव आयोग ने जन प्रतिनिधित्व कानून में कई संशोधन की सिफारिश की माना जा रहा है कि इस पर विचार हुआ तो कार्य पर अंकुश लग सकेगा
 राजनीति दलों को मिलने वाले चंदे की पारदर्शी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं फिलहाल राजनीतिक दलों को ₹20000 तक का नगद यानी बेनामी चंदा लेने की स्थिति की छूट है । चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को मिलने वाली नगद चंदे की अधिकतम राशि घटाकर ₹2000 करने का प्रस्ताव कानून मंत्रालय को भेजा है इससे ने पीएम से पारित किया है कि नगद चंदा 20% अधिकतम ₹20 जब तक ई मित्र हैं सब चुनावी चंदे का ही नहीं है चुनाव में हंसते का भी है कि हमारे यहां चुनाव खर्च सीमा को तो पापा बनकर रह गई है चुनाव में उम्मीदवारों के हक में पारदर्शिता लाने के मकसद से चुनाव आयोग चाहता है कि एक एक व्यक्ति को ₹2000 से ज्यादा के सभी खर्चों के लिए डिजिटल हस्तांतरण अनिवार्य किया जाए अभी तक अलग बैंक खाता खोलना निर्देशों का हिस्सा है लेकिन आयोग इसे चुनाव संचालन नियमों का हिस्सा बनाना चाहता है आयोग की सिफारिशें स्वागत योग्य है ।
      गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन
लेखक,आलोचक,काउंसलर                         "श्रीरामधुन'"

Comments

Popular posts from this blog

मेहर जाति व मेहरा जाति का इतिहास। श्रीरामधुन

आज मेरे बच्चे बुलेट (अर्पित) की प्रथम पुण्यतिथि है , श्रद्धांजलि।

अच्छे समय की दस्तक