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दुख अथवा शोक के दो सेतु ..... !

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दुख अथवा शोक  दो ही हेतु होते हैं- प्रिय वियोग एवं आप्रियसंयोग अथवा ईस्ट का विनाश एवं अनिष्ट की प्राप्ति ।इन्ही दो बातो को लेकर सारा संंसार दुखी हो रहा है ।  हिंदू शेरों से मनुष्य को दुख सुख चिंता भय अथवा व्याकुलता होती है इन्हीं दो बातों को लेकर सारा संसार दुखी हो रहा है ।ऐसा कहा जाए तो भी अतिश्योक्ति ना होगी।  कोई कोई तो इस  कारण इतने अधिक दुखी हो जाते हैं कि उन्हें सारा संसार अंधकार में दिखने लगता है । उन्हें चारों ओर से निराशा के बादल घेर लेते हैं। शोक के मारे दिन रात उनकी छाती जला करती है, दिन में चैन नहीं पड़ता और रात को नींद नहीं आती, शरीर सूखकर कांटा हो जाता है, खाना पीना हराम हो जाता है - यहां तक कि कुछ लोगों को तो जीवन भारी हो जाता है और वह भी घुलकर शरीर छोड़ देते हैं कुछ लोग तो और भी आगे बढ़ जाते हैं । वह मूर्खता है विष आदि का प्रयोग करके, जल में डूब कर फांसी लगाकर अथवा आग में जलकर प्राण त्याग देते हैं।: लोग स्त्री, पुत्र, धन, मान 'कीर्ती थी अथवा स्वास्थ्य आदि इष्ट पदार्थों के नाश हो जाने अथवा किसी मुकदमे में  फंस जाने के, किसी...

कल-आज-कल-इतिहास-विशेष खास अंकज्योतिषफल-

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कल-आज-कल- का इतिहास मे अंकज्योतिषफल मे खास विशेष क्या है - गुरुजीसत्यवादी श्रीरामधुन 30 अक्टूबर की ऐतिहासिक घटनाऐ - 30 अक्टूबर इतिहास में 30 अक्टूबर का दिन असम में एक के बाद एक हुए बम विस्फोटों की दुर्ग दुखद घटना के साथ दर्ज है राजधानी गुवाहाटी और 13 अन्य स्थानों पर 30 अक्टूबर 2008 को हुए इन शक्तिशाली धमाकों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था देश का यह शांत और हरा भरा इलाका धमाकों की आँच से झुलस कर कर रह गया - 1* रूसी शासक जार निकोलस द्वितीय ने पहली रूसी संविधान को 1905 में स्वीकृति दी थी 2* पहली बार लंदन में 1925 को टेलीविजन ट्रांसमिशन हुआ 3* तुर्की तथा यूनान ने 1930 में मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किए 4* भारत संयुक्त राष्ट्र में 1945 को शामिल हुआ 5* भारत का पहला पांच सितारा होटल अशोक 1956 में खुला 6* लादेन के संपर्क में रहने के आरोपी 3 परमाणु वैज्ञानिकों को 2001 में पाकिस्तान ने अमेरिका को सौंपा था 7* ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस चार्ल्स का भारत दौरा 2003 को हुआ था 8* अमेरिकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने 2003 में पाकिस्तान को भारत के साथ शांति वार्ता करने को कहा था ...

भारत की तरक्की का राज जीएसटी !

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विश्व के साथ साथ भारत मे भी बढ़ती आबादी, बढ़ती मंहगाई, बढ़ती बेरोजगारी की समस्याएं कम होने की बजाय दिनो-दिन बढ़ती जा रही है जो देश की आर्थिक स्थिति को कमजोर बनाने मे सहायक होती है। कोविड-19 ने और भी समस्या बढ़ी दी। ये सब बातो का प्रभाव पूरे विश्व मे तो पड़ा  भारत मे भी पड़ा। किन्तु भारत सरकार ने अपनी समझदारी का एक अनोखा का रास्ता अपनाया देश की आर्थिक स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया। जीएस टी लागू  अधिनियम को लागू करके अपने देश की आर्थिक स्थिति को काफी हद तक सुथारने हेतु प्रयास करने मे सफलतम  उपलब्धी मानी गई है । आज हम भारत  मे नोट-  बंदी जैसे अनेको कार्य किए गए है  और किऐ जा रहे है जो आमलोगो से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रुप से वसूल किया जा रहा है उन कार्यो मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हुआ जीएसटी ही है देश की प्रगतिशील का मुख्य कारण । जीएसटी के फायदे और नुकसान भी है उनको अलग अलग रुप से प्रस्तुत किय जा रहा है फैसला आपको ही लेना होगा । सरकार जीएसटी के बारे मे जो बतला रही है वो तो अपनी जगह सही है चूंकि भारत मे भ्रष्टाचार इतना फैल चुका है थमने का नाम हो...

कल-आज-कल का इतिहास समझे -

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कल- आज-कल - का इतिहास जो प्रतिदिन आपके समक्ष पेश किऐ जा रहे है उसकी व्याख्या कुछ इस प्रकार से है उसे ही आज के दिन पूर्ण विस्तार से समझाया जा रहा है  और समझाने वाले है "आर्यवंश" और " आज का सत्यवादी " के प्रधानसंपादक, संस्थापक, अध्यक्ष, काउंसलर श्रीरामधुन जी "टीलेश्रर" माहराज भोपाल - कल -बीता समय -27-10-2022 आज- वर्तमान -    28-10-2022 ( समय जो चल रहा है ) कल- भविष्य काल 29-10-2022 ( आने वाला कल ) आज के दिन कल-आज- कल का इतिहास मे आज के दिन जो कुछ भी लिखा जा रहा उसे नियमित रुप से पढ़ सकते है , ग्रहण कर सकते है 27 अक्टूबर का इतिहास-  आज का इतिहास मे( बीता कल ) 1* 1795 अमेरिका और स्पेन के बीच बिकिनी की संधि पर हस्ताक्षर किए गए इस संधि की बदौलत अमेरिका को निशी सिंधी नदी में 9 वाहन 9 वाहन का अधिकार मिला 2* 1920 देश के दसवें और पहले दलित राष्ट्रपति के आर नारायण का जन्म हुआ 3* 1978 मिश्र के अनवर सादात और इसराइल के मैना के मन को शांति स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने पर नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया 4* 2004 अमेरिका में बोस्टन की पेशे...

दिपावली पर हुई क्षति का जिम्मेदार कौन ?

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वर्षो से दिपावली का त्योहार मनाऐ  जाने की परम्परा चली आ रही है । पहले दीपो की रोशनी से दिपावली मनाई जाती थी । सभी लोग मिलजुलकर एक दूसरे के साथ खुशी मनाते थे । धीरे धीरे समय बदलता रहा । त्यौहारों का स्वरूप भी बदला किन्तु लक्ष्मी माता वही रही । आधुनिक युग मे बारुद के ढेर पर बैठा हुआ मानव अपनी तथा दूसरो की जिंदगी से पठाखो से क्षति पहुचाने के आतुर है । प्रायः प्रायः हर साल सरकार को आर्थिक रूप से लाभ पहुचता है तो दूसरी तरफ से बारुद का गलत इस्तेमाल करने से भी लाभ मिलता है । जब सरकार के साथ साथ व्यवसायी को लाभ मिलता है तो हानि की भी जिम्मेदारी भी इन्ही की होना चाहिए किन्तु ऐसा नही है । यहाँ पर लेख लिखने का मुख्य उध्देश्य यह है कि - " लाभ लेने वाले,क्षति की पूर्ति करे " इस संबंध मे सरकार और माननीय न्यायालयो को आगे आकर कानून के दायरे मे लेना होगा" । इस बार की दीपावली मे जन धन हानि तो हुई है जिसे एक हादसा मानकर फाईले बंद कर दी जाती हैं। किन्तु अब ऐसा नही हे सरकार इसे कानून के दायरे मे लाने की सोच रही है। टूस्ट माँ आदिशक्ति दरबार धार्मिक एवं परमार्थ टूस्ट भोपाल के तत्वा...

" आज के दो सत्य, जाने श्रीरामधुन से "-

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सत्य कभी नही छुपता जैसे पानी का वेग अपना रास्ता स्वंम् खोज लेता है यह प्रकृति का नियम है और पंचतत्व मे से एक है । पंंचतत्व  ही पंचभूत है और उसी का ही निर्णय ही सर्वमान्य है । इस बारे मे बताई जा रही एक ऐसी घटना जो सत्य है और नियमविरुद्ध भी है जिसे माँ आदिशक्ति दरबार धार्मिक  एवं परमार्थ टूस्ट भोपाल के संस्थापक,संपादक,अध्यक्ष, काउंसलर एवं अंकशास्त्री श्रीरामधुन द्वारा प्रस्तुत है - " पूर्व मंत्री में लोगों को कब्जा करने के लिए उकसाया" और कहा कि- " मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष हेमंती देवी का विवादित विवादित वीडियो वायरल हुआ है,"- इसमें यह सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के लिए लोगों को (जाटव समाज) को समझाते नजर आ रही है ।  उन्होंने मंगलवार को भितरवार में 96 गांव की पंचायत में एक दोरे  के दौरान मंच में से कहा कि सहराई में मैंने खुद जमीन घेरी है । खड़े होकर बाबा साहब की मूर्ति लगवाई है। बिरला में खाली जमीन खाली पड़ी थी, लोगों ने पूछा क्या करें -"हमने कहा -जमीन अपनी है ,पैसे पकड़ो और बाबा साहब की मूर्ति लगा कर रख दो "। आप हिम्मत और त...