कटुवचन से आहत् लोग मांग रहे न्याय
"कटुवचन,अपशब्द बोलने वाले नेताओं और अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही हो ऐसा चाहती है आम- जनता " हमारे भारत देश मे अपशब्दों को लेकर रोजाना लोग मर कट रहे है,लड़ाई झगड़ा ,खून-खराबा हो रहा है । कोई भी व्यक्ति किसी के भी बारे मे कुछ भी बोल रहा है ,कह रहा है , लिखकर रहा है । इनमे ज्यादातर लोग नेता व सरकारी अफसर होते है आखिरकार सरकार इन पर शिकंजा क्यो नही कसती है,इनके प्रति सजा का प्रावधान क्यो नही है ? ये नेता लोग पहले तो बयान बाजी करते हैं और बाद में माफी मांग कर किनारा कर लेते हैं। बयान बाजी करते वक्त भाषा का शिष्टाचार की तमाम सीमाएं लांग दो और बवाल उठे तो, ऐसे बयानों से या तो किनारा कर लो या फिर माफी मांग कर ठंडा बस्ते मे डालने की कोशिश करने लगो । मौका चुनाव का हो तो नेताओं में ही है प्रवृति ज्यादा ही नजर आने लगती है । लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार का दौर शुरू होने के साथ ही साथ बिगड़े बोल बता रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट तक की ओर से सरकार को दी गई नसीहत के बावजूद नेताओं की एक दूसरे को नीचा दिखाने और अपमानित करने की जरूरत पड़ती दुष्प्रवृत्ति कम होने का नाम ...